शॉपिंग कार्ट

आपके जीनोम को आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में आपसे अधिक जानकारी होती है

डब्ल्यू. डेनियल हिलिस

इस जीनोमिक क्रांति से जुड़ने के लिए धन्यवाद.

परिचय

जेनेटिक्स और मेडिसिन के क्षेत्र आपस में कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं - आज के समय में जेनेटिक टेस्टिंग के बढ़ते रुझानों को देखकर हम कह सकते हैं कि वे एक दूसरे के पूरक बन गए हैं! एक ओर मेडिकल प्रोफेशन जहां सालों पुरानी एक्सपर्टीज़ और अनुभव को प्रदर्शित करता है - वहीं अत्याधुनिक जीन टेस्टिंग तकनीक एक कुंजी प्रदान करती है - कई अज्ञात बीमारियों को समझने और उनका उपचार करने के लिए एक आधार प्राप्त होता है. प्रोग्नोस्टिक और डायग्नोस्टिक टेस्टिंग बेहतर और अद्भुत तरीके से प्लान की गई लाइफस्टाइल की कुंजी है. एक ऐसी तकनीक जिसकी मदद से व्यक्ति समय रहते जीन म्यूटेशन के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है - एक ऐसी तकनीक जिसकी मदद से वह अपने फैमिली फिज़िशियन को उसके लिए दवा की सही डोज़ निर्धारित करने में मदद कर सकता है. अगर हम इस संसार में संतुलन खोज पाते हैं - तो यूटोपिया या आदर्श संसार कोई सपना नहीं है.

जेनेटिक टेस्टिंग, डॉक्टर्स की किस प्रकार से सहायता कर सकती है?

डॉक्टर का इलाज, डायग्नोसिस के बाद क्लाइंट द्वारा दिखाए जा रहे लक्षणों पर निर्भर होता है. कल्पना कीजिए, अगर आपको कुछ लाइफ डिसऑर्डर की रिस्क के बारे में समय रहते जानकारी मिल जाए और आप उनसे बचाव कर सकें? हाइपोथाइरोइडज़्म, डायबिटीज, मोटापा, हाइपरटेंशन, कार्डियोवैस्कुलर रोग, विटामिन की कमी के मामलों में - बस थोड़ी सी सावधानी, सही समय पर मेडिकल कंसल्टेशन, लोगों के जीवन के बहुत से अमूल्य साल बचा सकती है. अगर फिज़िशियन को इस प्रकार की जानकारी तक एक्सेस प्राप्त हो तो वह बेहतर देखभाल प्रदान कर सकता है, मरीज़ को सही समय पर सचेत कर सकता है और मरीज़ को तेज़ी से ठीक होने में मदद कर सकता है. जीन म्यूटेशन के कारण बहुत से डिसऑर्डर हो सकते हैं जैसे कि : थैलेसीमिया, आनुवांशिक कैंसर, सिस्टिक फाइब्रोसिस, मेटाबोलिक कमियां इत्यादि. अगर इन रोगों का सही समय पर पता लग जाए तो इनका मैनेजमेंट काफी आसान हो जाता है! इसके अलावा इससे तनावग्रस्त मरीज़, समय की कमी और धन की कमी जैसे अन्य फैक्टर्स से भी निपटा जा सकता है! फार्माकोजेनोमिक्स क्षेत्र में हो रहे टेस्ट से दवाओं की दक्षता, पसंद और डोज़ के क्षेत्र में भी लाभ मिल सकता है. एक ही प्रकार की दवा अलग-अलग व्यक्तियों में अलग-अलग तरीके से काम करती है - दवा देने से पहले इसके व्यवहार की जानकारी होने से समय और प्रयास दोनों की बचत होती है. दवा की प्रतिक्रिया की जानकारी (या उसकी कमी) इन प्रोफेशनल्स के लिए वरदान साबित होगी!

मैपमायजीनोम क्या ऑफर करता है?

प्रीवेंटिव और प्रोग्नोस्टिक टेस्टिंग में अग्रणी होने के नाते; मैपमायजीनोम ने दुनिया भर के क्लाइंट्स के बीच टेस्टिंग के लिए अपने प्रोडक्ट्स को प्रथम बेस के रूप में अलाइन किया है. इन प्रोडक्ट को प्रसिद्ध प्रोफेशनल्स द्वारा टेस्ट किया गया है, ये सभी हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स द्वारा स्वीकार किए जाते हैं तथा दुनिया भर में इनका इस्तेमाल होता है. अभी तक इनका उपयोग केवल उन्हीं लोगों के द्वारा किया जा रहा है जो अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं; लेकिन इस क्षेत्र में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि हम हर एक व्यक्ति, हर एक फिज़िशियन तक पहुंच सकें और सबको लाभ पहुंचा सकें!

कंपनी 3 विभिन्न सेगमेंट कवर करती है:-

प्रोग्नोस्टिक: लोगों को हेल्थ जानकारी और उसकी बेहतरी के लिए उठाए जाने वाले कदम जेनेटिक एनालिसिस और काउंसलिंग के द्वारा बताना, इससे पहले की कोई बीमारी के लक्षण या संभावना दिखाई दें.
डायग्नोस्टिक: भारतीय आबादी के लिए संक्रमित बीमारियों (TB, मलेरिया, डेंगू), कैंसर और जीवनशैली से संबंधित बीमारियों से जुड़े कस्टमाइज़्ड मोलेक्यूलर डायग्नोस्टिक टेस्ट उपलब्ध कराना.
बिग डेटा: फार्मा कंपनी के साथ R&D पार्टनरशिप में जीनोमेगा DB (भारतीय जीनोम डेटाबेस) भारतीय आबादी के लिए उपलब्ध कराना.

हमारे प्रोडक्ट और सेवाएं

अपने डॉक्टर को आपकी मदद करने में मदद करें! आपके डॉक्टर को आपके स्वास्थ्य के बारे में पहले से कहीं अधिक जानकारी होगी! आपके स्वास्थ्य की एक कंप्रीहेंसिव प्रोफाइल जिसमें आपके स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न जानकारियां शामिल होती है जैसे कि आपमें किन दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित हो चुका है, वे कौनसी बीमारियां हैं जिनके लिए आपको जेनेटिक रूप से अधिक रिस्क है, इन सभी जानकारियों की मदद से आपके लिए एक पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जा सकता है.

जेनेटिक काउंसलिंग

प्रत्येक टेस्ट में हमारे बोर्ड प्रमाणित जेनेटिक काउंसलर्स के साथ एक सेशन शामिल होता है. हमारे सीनियर जेनेटिक काउंसलर्स प्री-नेटल, कैंसर जेनेटिक्स, प्रोग्नोस्टिक्स और आनुवांशिक सिंड्रोम इत्यादि में एक्सपर्टीज़ रखते हैं. वे आपको रिपोर्ट का विवरण देते हैं और इसे अच्छी तरह से समझने में आपकी मदद करते हैं, इसकी मदद से वे आपको आपके लिए सबसे अधिक उपयुक्त सुझाव देते हैं जिससे आप जिन बीमारियों के लिए अधिक रिस्क पर हैं, आप उन्हें होने से रोक सकें या कुछ समय के लिए टाल सकें.

विस्तृत रिपोर्ट

"प्राइमरी जेनेटिक रिस्क रिपोर्ट": यह रिपोर्ट बताती है कि हर कंडीशन के लिए कौनसे जेनेटिक मार्कर का टेस्ट किया गया है, इसकी मदद से आपका रिस्क स्कोर निर्धारित किया जाता है और यह पता लगता है कि आपको आम लोगों के मुकाबले उस कंडीशन की कितना अधिक या कम रिस्क है. "पोस्ट जेनेटिक काउंसलिंग रिकमंडेशन रिपोर्ट": यह काउंसलिंग के बाद जारी की जाती है और इसमें आपकी फैमिली हिस्ट्री और लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों को ध्यान में रखा जाता है. यह रिपोर्ट केवल सुझाव तथा कार्यवाईयों की जानकारी देती है तथा आपकी हर एक हाई रिस्क कंडीशन के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट की जानकारी देती है. इन दोनों रिपोर्ट्स को मिलाकर आपको इस बात की कंप्रीहेंसिव जानकारी मिल जाती है कि आप हर एक कंडीशन के लिए कितने रिस्क पर हैं और इससे बचाव के लिए आपको क्या कदम उठाने चाहिए.

मैपमायजीनोम क्यों?

जीवन में बस एक बार होने वाला टेस्ट
तेज रिपोर्टिंग
जीनोमिक काउंसलिंग रिपोर्ट
दर्द-रहित सैंपलिंग
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